Friday, 27 March 2026

देशी बोतल विदेशी अर्क

मुझे स्मरण है यही महिला वामपंथी पत्रकार कुछ वर्ष पहले भोपाल में संगठन के मंच से भाषण दे कर गई थी। ऐसे अनेक वामपंथी, तथाकथित दक्षिण पंथी, बौद्धिक राजपंथी राजनीति में ही नहीं लगभग सभी शैक्षणिक, सांस्कृतिक, साहित्यिक संगठनों में घुसपैठ कर पद्मश्री भी ले चुके हैं।

 कर्ताधर्ता ख़ुश हैं -प्रतिभायें आ रही हैं। कालनेमी आज राष्ट्रीय वैचारिक मंचों पर हमें ही उपदेश दे रहे हैं। हमारे आज के सक्रिय संगठनों, संस्थानों के मुखिया प्रदेश, जाति, भाषा के आधार पर उनका उपनयन संस्कार कर रहे हैं।

ध्यान रखना होगा कुछ गन्दे और अंदर से सिद्ध कठोर कपड़े वासिंग मशीन को भी तोड़ देते हैं।

 वे ब्रांडेड हैं,हम देशी उन्हें देखते ही उनके मधुरता में ऐसे फंसते हैं कि कुछ वर्षों बाद ब्रांडेड तो छोड़िए हमारा देशी गमछा भी हमसे छूट जाता है और हम चौराहे में विज्ञापन बन जाते हैं।

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