ना काहू से बैर/राघवेंद्र सिंह,
नया इंडिया/भोपाल मध्यप्रदेश
के सत्ता और संगठन, विशेष तौर पर नवागत संगठन मंत्री से।
आइये इनकी अपेक्षा की पड़ताल करें -
पड़ताल - भाजपा की अपनी कार्यशैली है जो उम्मीद और न उम्मीद से बाहर है। वह समग्रता से पूरे देश की रचना करती है।
* भाजपा कार्यकर्ता है नाइट वॉचमेन, हारती बाजी बचाता है।
पड़ताल - भाजपा कार्यकर्ता नाइट वाचमैन नहीं आकाशदीप है।वह लहरों, हवाओं को तो दिशा देता ही है, हर के अंदर एक दीप बन जले दूसरा, जलते दीप अनेक की भूमिका निभाता है। इसलिए विजयश्री प्राप्त करता है न कि वाजी जिताता है। वह हार और जीत में समभाव व्यवहार करता है।
* कुछ घंटे देव दुर्लभों (कार्यकर्ताओं) से निरंतर खुला संवाद भी।
पड़ताल - देवदुर्लभ कार्यकर्ता जब सामूहिक चेतना से एक लक्ष्य को लेकर जीता है,तब वह स्वयं से संवाद करता है,और समाधान भी ढूंढता है। किंतु जब कार्यकर्ता एकला चलो और मैं बहुत महत्वपूर्ण हूं के भाव से ग्रसित हो जाता है तब वह देवदुर्लभ पद खो देता है। फिर उसे विवाद करने की आदत लग जाती है,तब संवाद काम नहीं करता।
* सत्ता में लाने वाले संगठन की अनसुनी न हो।
पड़ताल - सत्ता और कार्यकर्ता दो पक्ष हैं। सत्ता सात्विक होगी तो लोक कल्याण होगा और कार्यकर्ता उसका अंगांगी। सत्ता लाने वाले कार्यकर्ता चिंहित नहीं होते।
दरअसल हरकाल खंड में कार्यकर्ता की भूमिका स्टेयरिंग में बैठ कर गाड़ी को दिशा देने की होती है। निश्चित गंतव्य के बाद ड्राइवर बदलते हैं। पुराने को अपने काल के वैभव या अभाव को भूलना पड़ता है। हथकड़ी सोने की हो या लोहे कि बंधन तो है,न। यदि ऐसा भाव रहा तो अनसुनी नहीं होती।
* चाल -चरित्र के लिए चेहरे चुनने व चमकाने की ज़रूरत।
पड़ताल - चेहरा चुनने की आवश्यकता भीड़ में होती है, संगठन में नहीं। भाजपा संगठन है।
हां, 2003 से 2026 तक कभी व्यक्ति जुड़े हैं। समाज से, अन्य दलों से,समविचारी संगठनों से।
इसलिए जो जितनी कुशलता से अपने को सिद्धांत, लक्ष्य और व्यवहार में ढालता है,उतना आगे बढ़ता है।
हां, यहां भी सभी विचारों और महत्वाकांक्षाओं के मनुष्य आते हैं
* संगठन से ही हैं मंत्री-मुख्यमंत्री...।
* बैठकों में सीएम तक को मंच से नीचे बैठते देखता था कार्यकर्ता, तब मन में कार्यकर्ता होने का गर्व जागता था ।
* अब नेता बन माल कमाने का सपना ।
* भ्रष्टाचार से धन कमाने वालों को किनारे।
* काम करने वालों से काम लेने की जरूरत।
* कान में कहने वालों से बचना भी ।
* निगरानी व निर्णय के लिए ईमानदार फीड बेक टीम।
* कम से कम छह माह प्रदेश से पंचायत तक प्रवास और प्रवास।
* इससे दिखेगा विकास भी भ्रष्टाचार भी ।
* भाजपा कार्यकर्ता -“मुश्किल वक्त और जवान सख्त “ जैसा है ।
* तभी राज्य में लोकसभा की सभी सीटें जीतने का रिकार्ड बनाया… ।
* संगठन महामंत्री के पद पर आए हैं तो गणेश बुद्धि साथ ही है …।
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