Thursday, 13 November 2025

दोहे फेसबुक पर प्रतिक्रिया में

दोहे -

मन लागो मोर अमीरी में।
उलझा मन लगा तमीरी में ।।

डाल डाल में पात पात में 
खुरचन अटका घात घात में।।

परम्परा भाषा भूषा गुलदस्ते में 
राजभाषा सिकुड़ गई है बस्ते में।।

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